प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: पात्रता, ट्रेनिंग, टूलकिट और लोन
18 पारंपरिक कामों से जुड़े कारीगरों के लिए पहचान-पत्र, प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन और चरणबद्ध ऋण सहायता की जानकारी।
पात्रता: 18 मान्यता प्राप्त पारंपरिक व्यवसायों में स्व-रोजगार करने वाले 18+ वर्ष के कारीगर; अन्य शर्तें लागू।
पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य
यह केंद्र सरकार की योजना परंपरागत हाथ के औजारों से काम करने वाले कारीगरों को पहचान, कौशल-विकास, आधुनिक उपकरण और बाजार से जोड़ने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं है। योजना में कारीगर के पेशे का सत्यापन, बुनियादी प्रशिक्षण, टूलकिट, डिजिटल भुगतान और व्यापार बढ़ाने के अवसर शामिल हैं। सितंबर 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार पंजीकरण लक्ष्य पूरा होने के बाद भी लाभार्थियों को सहायता के विभिन्न चरण जारी रहे; इसलिए आवेदन की वर्तमान उपलब्धता पोर्टल/CSC पर ही जांचें।
कौन से 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं?
बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा/टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार/पत्थर तोड़ने वाला, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाला, पारंपरिक गुड़िया-खिलौना निर्माता, नाई, माला बनाने वाला, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला योजना में सूचीबद्ध हैं। केवल व्यवसाय का नाम मिलना पर्याप्त नहीं; आवेदक को वास्तव में उस काम में स्व-रोजगार करते हुए सत्यापन भी पूरा करना होगा।
पात्रता और अपात्रता
आवेदक की न्यूनतम आयु पंजीकरण की तारीख पर 18 वर्ष होनी चाहिए। वह असंगठित क्षेत्र में अपने हाथों और औजारों से मान्यता प्राप्त पारंपरिक काम करता हो। एक परिवार से सामान्यतः एक सदस्य पंजीकृत हो सकता है। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति तथा उनके परिवार इस योजना के पात्र नहीं हैं। पिछले पाँच वर्षों में कुछ समान स्वरोजगार ऋण योजनाओं का लाभ लेने वालों पर भी प्रतिबंध लागू होता है; सटीक अपवाद आधिकारिक दिशानिर्देश में देखें।
ट्रेनिंग, टूलकिट और आर्थिक लाभ
पहचान के लिए पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड दिया जाता है। बुनियादी प्रशिक्षण 5–7 दिन और उन्नत प्रशिक्षण सामान्यतः 15 दिन या उससे अधिक हो सकता है, जिसके लिए पात्र प्रशिक्षुओं को ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड मिलता है। टूलकिट के लिए ₹15,000 तक ई-वाउचर आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान है। इन लाभों का भुगतान तय सत्यापन/प्रशिक्षण चरणों से जुड़ा होता है; ₹15,000 हर आवेदनकर्ता को तुरंत नकद मिलने का दावा सही नहीं है।
ऋण: पहली और दूसरी किस्त में अंतर
ऋण सहायता कुल ₹3 लाख तक है: पहले चरण में ₹1 लाख तक (18 महीने की अवधि), दूसरे में ₹2 लाख तक (30 महीने की अवधि)। लाभार्थी के लिए रियायती ब्याज दर 5% है और योजना में सरकारी ब्याज सहायता का प्रावधान है। पहला ऋण बुनियादी प्रशिक्षण जैसे मापदंड पूरे करने पर ही उपलब्ध होता है। दूसरे चरण में पहले ऋण के अच्छे पुनर्भुगतान रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन या उन्नत प्रशिक्षण जैसी शर्तें लागू होती हैं। बैंक की जांच और मंजूरी आवश्यक है।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार, आधार से संबंधित मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार रखें। यदि परिवार या व्यवसाय संबंधी सत्यापन में अन्य रिकॉर्ड मांगे जाएं तो संबंधित CSC/अधिकृत अधिकारी की सलाह मानें। बैंक खाते की स्थिति, नाम की वर्तनी और मोबाइल नंबर में त्रुटि होने से आवेदन या भुगतान में देरी हो सकती है। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, आधार-बायोमेट्रिक जानकारी या बैंक पासवर्ड न दें।
आवेदन और स्थिति कैसे जांचें
निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर योजना में पंजीकरण की वर्तमान स्थिति पूछें। अधिकृत ऑपरेटर के माध्यम से पहचान और व्यवसाय विवरण दर्ज होते हैं, फिर बहु-स्तरीय सत्यापन की प्रक्रिया चलती है। अपने विवरण पढ़कर पुष्टि करें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें। आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध स्थिति/सहायता विकल्प देखें। बिचौलियों के माध्यम से मंजूरी या ऋण मिलने की गारंटी जैसी बातों पर भरोसा न करें।
सामान्य प्रश्न
प्रश्न: क्या ₹3 लाख एक साथ मिलते हैं?
उत्तर: नहीं, पात्रता और बैंक स्वीकृति के अधीन दो अलग ऋण चरण हैं।
प्रश्न: क्या दर्जी शामिल है?
उत्तर: हाँ, दर्जी 18 सूचीबद्ध व्यवसायों में है।
प्रश्न: क्या रजिस्ट्रेशन मुफ्त है?
उत्तर: आधिकारिक विवरण के अनुसार CSC के माध्यम से योजना पंजीकरण निःशुल्क है।
प्रश्न: क्या टूलकिट सहायता सीधे नकद है?
उत्तर: प्रावधान ई-वाउचर आधारित है।
इन सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देखें
अंतिम और सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट देखें।
आधिकारिक वेबसाइट देखें: pmvishwakarma.gov.in ↗अंतिम अपडेट: 20 Oct 2026