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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

फसल को अधिसूचित प्राकृतिक जोखिम से नुकसान होने पर पात्र किसानों को बीमा सुरक्षा। कृषि मौसम, फसल, जिले और राज्य के आधार पर पंजीकरण और दावा नियम बदलते हैं।

पात्रता: फसल को अधिसूचित प्राकृतिक जोखिम से नुकसान होने पर पात्र किसानों को बीमा सुरक्षा। कृषि मौसम, फसल, जिले और राज्य के आधार पर पंजीकरण और दावा नियम बदलते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana या PMFBY) भारत सरकार की एक फसल बीमा योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अधिसूचित जोखिमों के कारण फसल को होने वाले नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। योजना का संचालन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राज्य सरकारों और चयनित बीमा कंपनियों के सहयोग से किया जाता है।

इस योजना की शुरुआत खरीफ 2016 से हुई थी। किसान निर्धारित प्रीमियम देकर अपनी अधिसूचित फसल का बीमा करा सकते हैं। यदि बीमा अवधि के दौरान अधिसूचित जोखिम के कारण फसल को नुकसान होता है, तो लागू नियमों, नुकसान के आकलन और स्वीकृति प्रक्रिया के अनुसार बीमा दावा मिल सकता है।

PMFBY का लाभ लेने के लिए यह देखना जरूरी है कि संबंधित राज्य, जिला, बीमा इकाई, मौसम और फसल योजना के अंतर्गत अधिसूचित हैं या नहीं। हर राज्य में हर फसल का बीमा उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।

महत्वपूर्ण: फसल में नुकसान होने का अर्थ यह नहीं कि किसान को पूरी बीमित राशि अपने आप मिल जाएगी। दावा नुकसान के प्रकार, क्षेत्रीय उपज या खेत-स्तरीय आकलन और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार निर्धारित होता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 की मुख्य जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
संक्षिप्त नामPMFBY
संबंधित मंत्रालयकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
शुरुआतखरीफ 2016
योजना का प्रकारस्वैच्छिक, प्रीमियम आधारित फसल बीमा
खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन फसलेंबीमित राशि का अधिकतम 2% किसान प्रीमियम
रबी खाद्यान्न एवं तिलहन फसलेंबीमित राशि का अधिकतम 1.5% किसान प्रीमियम
वार्षिक व्यावसायिक एवं बागवानी फसलेंबीमित राशि का अधिकतम 5% किसान प्रीमियम
किसान की भागीदारीस्वैच्छिक
पात्र फसलसंबंधित राज्य एवं मौसम की अधिसूचित फसल
स्थानीय नुकसान की सूचनासामान्यतः 72 घंटे के भीतर
कटाई के बाद कवरअधिकतम 14 दिन, निर्धारित परिस्थितियों में
सहायता एवं शिकायत नंबर14447
आधिकारिक वेबसाइटPMFBY पोर्टल

प्रीमियम, आवेदन की अंतिम तारीख और बीमा करने वाली कंपनी की जानकारी संबंधित राज्य की फसल अधिसूचना से जांचनी चाहिए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य

खेती की आय काफी हद तक मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सूखा, बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि, तूफान और कीटों या बीमारियों से फसल को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे नुकसान का असर किसान की आय और अगली फसल के लिए निवेश करने की क्षमता पर पड़ता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य खेती से जुड़े इन जोखिमों को कम करने में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसका अर्थ मौसम या उपज की गारंटी देना नहीं, बल्कि बीमित जोखिम होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार क्षतिपूर्ति की व्यवस्था करना है।

किसानों की आय को सुरक्षा देना

यदि किसान की अधिसूचित फसल को बीमा में शामिल जोखिम के कारण नुकसान होता है, तो स्वीकार्य दावा नुकसान के आर्थिक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। इससे अगली बुवाई के लिए तैयारी करने में मदद मिल सकती है।

कम प्रीमियम पर बीमा उपलब्ध कराना

इस योजना में किसान के हिस्से का प्रीमियम सीमित रखा गया है। वास्तविक बीमा प्रीमियम का बचा हुआ पात्र हिस्सा सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी व्यवस्था से वहन किया जाता है।

खेती में निवेश को प्रोत्साहन

बीमा सुरक्षा होने से किसान को जोखिम प्रबंधन का एक अतिरिक्त साधन मिलता है। हालांकि बीमा लेने से खेती में लाभ की गारंटी नहीं होती और सभी जोखिम कवर नहीं होते।

PMFBY में किसान को कितना प्रीमियम देना पड़ता है?

किसान का प्रीमियम फसल के प्रकार और कृषि मौसम के अनुसार निर्धारित होता है। अधिकतम प्रीमियम दर बीमित राशि के प्रतिशत के रूप में तय की गई है।

फसल और मौसमकिसान की अधिकतम प्रीमियम दर
खरीफ खाद्यान्न और तिलहन2%
रबी खाद्यान्न और तिलहन1.5%
वार्षिक व्यावसायिक और बागवानी फसलें5%

ये अधिकतम दरें हैं। जहां वास्तविक बीमा प्रीमियम दर इससे कम हो, वहां लागू कम दर के अनुसार किसान का प्रीमियम निर्धारित हो सकता है।

₹50,000 की बीमित राशि का उदाहरण

यदि किसी अधिसूचित खरीफ खाद्यान्न फसल के लिए बीमित राशि ₹50,000 है और 2% किसान प्रीमियम लागू होता है, तो किसान के हिस्से का प्रीमियम ₹1,000 होगा।

इसी बीमित राशि पर 1.5% की रबी दर लागू हो तो प्रीमियम ₹750 और 5% की वार्षिक व्यावसायिक फसल दर लागू हो तो ₹2,500 होगा।

ये केवल गणना समझाने के उदाहरण हैं। वास्तविक प्रीमियम जानने के लिए सरकारी PMFBY पोर्टल का Insurance Premium Calculator उपयोग करें।

PMFBY में कौन-सी फसलें कवर होती हैं?

योजना में खाद्यान्न, तिलहन तथा निर्धारित वार्षिक व्यावसायिक और बागवानी फसलों को शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी फसल के लिए वास्तविक बीमा उपलब्धता राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना पर निर्भर करती है।

उदाहरण के लिए, किसी जिले में धान या गेहूं अधिसूचित हो सकते हैं, जबकि दूसरे जिले में फसल सूची अलग हो सकती है। एक ही राज्य में अलग मौसमों के लिए भी अलग अधिसूचनाएं जारी की जा सकती हैं।

किसान को आवेदन करने से पहले अपनी फसल, गांव या अधिसूचित बीमा इकाई, कृषि मौसम और संबंधित बीमा कंपनी की पुष्टि करनी चाहिए।

फसल बीमा योजना में कौन-कौन से जोखिम कवर होते हैं?

PMFBY में फसल के अलग चरणों के लिए अलग प्रकार के जोखिम कवर हो सकते हैं। प्रत्येक जोखिम के लिए दावा प्रक्रिया भी समान नहीं है।

1. खड़ी फसल को नुकसान

अधिसूचित फसल की उपज में नुकसान होने पर निर्धारित क्षेत्रीय उपज आधारित प्रक्रिया लागू हो सकती है। संबंधित जोखिमों में सूखा, बाढ़, तूफान, चक्रवात, ओलावृष्टि और अधिसूचित कीट या फसल रोग जैसे कारण शामिल हो सकते हैं।

इस श्रेणी में सामान्यतः अधिसूचित बीमा इकाई की वास्तविक औसत उपज की तुलना निर्धारित सीमा उपज से की जाती है।

2. बुवाई या रोपाई नहीं हो पाना

अत्यधिक प्रतिकूल मौसम, बारिश की कमी या दूसरी अधिसूचित परिस्थितियों में किसान फसल की बुवाई या रोपाई नहीं कर पाते। योजना में Prevented Sowing/Planting/Germination नाम का कवर निर्धारित शर्तों के अंतर्गत उपलब्ध हो सकता है।

इसके लिए प्रभावित क्षेत्र, मौसम और राज्य स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। केवल किसी किसान के व्यक्तिगत निर्णय से बुवाई न करने पर दावा स्वतः नहीं बनता।

3. मौसम के बीच गंभीर प्रतिकूल स्थिति

फसल मौसम के दौरान व्यापक सूखा, बाढ़ या दूसरी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अनुमानित उपज में गंभीर गिरावट आने पर Mid-Season Adversity प्रावधान लागू हो सकता है। इसके लिए संबंधित सरकारी व्यवस्था के अनुसार निर्णय और आकलन आवश्यक है।

4. स्थानीय प्राकृतिक आपदा

ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, बादल फटने या बिजली गिरने से प्राकृतिक आग जैसी निर्धारित घटनाओं के कारण किसी बीमित खेत को नुकसान होने पर स्थानीय आपदा संबंधी दावा प्रक्रिया लागू हो सकती है।

ऐसे मामलों में किसान को नुकसान की समय पर सूचना देना विशेष रूप से जरूरी होता है।

5. कटाई के बाद नुकसान

कुछ फसलों के लिए कटाई के बाद अधिकतम 14 दिन तक निर्धारित जोखिमों का कवर उपलब्ध होता है, जब फसल सुखाने के लिए खेत में निर्धारित अवस्था में रखी गई हो।

बेमौसम बारिश, चक्रवात संबंधी बारिश, ओलावृष्टि या अन्य अधिसूचित जोखिमों के लिए लागू शर्तें जांचनी चाहिए। घर या गोदाम में रखी प्रत्येक उपज को स्वतः इस कवर में शामिल नहीं माना जा सकता।

किन नुकसानों पर फसल बीमा का दावा नहीं मिल सकता?

किसी खेत में नुकसान दिखाई देने का मतलब हर परिस्थिति में बीमा भुगतान होना नहीं है। योजना में अधिसूचित जोखिमों के साथ कुछ सामान्य अपवाद भी हैं।

युद्ध, परमाणु जोखिम, जानबूझकर किया गया नुकसान और दूसरी रोकथाम योग्य परिस्थितियां सामान्य अपवादों में शामिल हैं। चोरी या पशुओं से हुए नुकसान को भी मानक PMFBY कवर में स्वतः शामिल नहीं समझना चाहिए।

कुछ राज्यों में जंगली जानवरों से फसल नुकसान के लिए अतिरिक्त वैकल्पिक कवर अधिसूचित किया जा सकता है। यह हर स्थान पर अपने आप उपलब्ध नहीं होता और इसकी अलग शर्तें तथा प्रीमियम हो सकते हैं।

अपने बीमा दस्तावेज और राज्य की मौजूदा अधिसूचना से कवर किए गए जोखिम तथा अपवाद जांचें।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए पात्रता

PMFBY में पात्रता का आधार मुख्यतः किसान की बीमायोग्य फसल में हिस्सेदारी और संबंधित क्षेत्र की अधिसूचना है। योजना ऋण लेने वाले तथा बिना ऋण वाले पात्र किसानों के लिए स्वैच्छिक है।

किसान को अधिसूचित मौसम में अधिसूचित फसल उगाने और उसका बीमायोग्य हित होने संबंधी आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं।

भूमि मालिक किसान

जिन किसानों की भूमि और फसल संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं, वे लागू नियमों के अनुसार बीमा के लिए पात्र हो सकते हैं।

बटाईदार और किरायेदार किसान

योजना के दिशानिर्देशों में पात्र बटाईदार और किरायेदार किसानों का भी उल्लेख है। हालांकि उन्हें खेती के अधिकार या बीमायोग्य हित से संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। सटीक शर्तें संबंधित राज्य और बीमाकर्ता की प्रक्रिया से जांचें।

ऋणी और गैर-ऋणी किसान

PMFBY में भागीदारी सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। कृषि ऋण होने का अर्थ यह नहीं कि किसान की हर फसल हर मौसम में स्वतः बीमित हो गई है। वास्तविक नामांकन और पॉलिसी स्थिति जांचना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन कैसे करें?

किसान आधिकारिक PMFBY पोर्टल, अधिकृत बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर या संबंधित अधिकृत चैनल से उपलब्ध नामांकन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  1. अपने राज्य, जिले और कृषि मौसम की अधिसूचना जांचें।
  2. देखें कि आपकी फसल और संबंधित बीमा इकाई योजना में शामिल हैं या नहीं।
  3. सरकारी प्रीमियम कैलकुलेटर से अनुमानित प्रीमियम देखें।
  4. आवश्यक व्यक्तिगत, बैंक और खेती संबंधी विवरण तैयार रखें।
  5. आधिकारिक Farmer Corner या अन्य अधिकृत नामांकन माध्यम चुनें।
  6. फसल, क्षेत्रफल और भूमि या खेती संबंधी जानकारी सही भरें।
  7. लागू दस्तावेज तथा आवश्यक घोषणा जमा करें।
  8. निर्धारित प्रीमियम का अधिकृत भुगतान पूरा करें।
  9. पॉलिसी या आवेदन की उपलब्ध पुष्टि सुरक्षित रखें।
  10. पंजीकरण के बाद वास्तविक पॉलिसी स्थिति जांचें।

राज्य और फसल के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख अलग हो सकती है। किसी पुराने वर्ष की खरीफ या रबी समयसीमा को 2026 की वर्तमान समयसीमा नहीं मानना चाहिए।

आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं?

आवश्यक दस्तावेज किसान के प्रकार और राज्य की वर्तमान नामांकन प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं।

  • किसान की आवश्यक पहचान और संपर्क जानकारी।
  • पात्र बैंक खाते का विवरण।
  • भूमि रिकॉर्ड या खेती संबंधी अधिकृत प्रमाण।
  • बटाईदार या किरायेदार होने पर लागू दस्तावेज।
  • फसल, मौसम और बीमित क्षेत्र का विवरण।
  • बुवाई से संबंधित घोषणा या आवश्यक प्रमाण, जहां लागू हो।
  • अन्य दस्तावेज जो राज्य की अधिसूचना या अधिकृत चैनल मांगे।

हर किसान से सभी दस्तावेज एक जैसे नहीं मांगे जाते। सही सूची संबंधित बीमा कंपनी, बैंक या राज्य कृषि विभाग से प्राप्त करें।

फसल खराब होने पर 72 घंटे में क्या करना चाहिए?

PMFBY के अंतर्गत स्थानीय प्राकृतिक आपदा और कटाई के बाद होने वाले निर्धारित नुकसान के लिए सामान्यतः घटना के 72 घंटे के भीतर सूचना देना आवश्यक है।

यह नियम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसे मामलों में नुकसान का खेत-स्तर पर आकलन किया जा सकता है। समय पर सूचना मिलने से अधिकृत संस्था को प्रभावित खेत की जांच करने में मदद मिलती है।

नुकसान रिपोर्ट करने की प्रक्रिया

  1. नुकसान की घटना की तारीख और समय दर्ज करें।
  2. अपनी फसल बीमा पॉलिसी या आवेदन विवरण निकालें।
  3. हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल के उपलब्ध माध्यम का उपयोग करें।
  4. फसल, खेत का स्थान, प्रभावित क्षेत्र और घटना का प्रकार बताएं।
  5. यदि सुरक्षित और संभव हो, तो प्रभावित फसल के फोटो तथा अन्य प्रासंगिक प्रमाण सुरक्षित रखें।
  6. प्राप्त शिकायत या सूचना संख्या संभालकर रखें।
  7. अधिकृत सर्वे या जांच टीम के निर्देशों का पालन करें।

यदि नुकसान पहले ही हो चुका है और 72 घंटे निकल गए हैं, तो भी संबंधित बीमा कंपनी या हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करके लागू विलंब-रिपोर्टिंग प्रक्रिया पूछें। लेकिन देर से सूचना देने पर दावा स्वीकार होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

क्या हर फसल नुकसान के लिए व्यक्तिगत शिकायत जरूरी है?

नहीं। योजना के अलग जोखिमों के लिए अलग आकलन प्रणाली है। बड़े क्षेत्र की उपज में नुकसान का दावा सामान्यतः क्षेत्रीय उपज के रिकॉर्ड के आधार पर तय किया जाता है। ऐसे मामलों में प्रत्येक किसान को व्यक्तिगत खेत नुकसान की रिपोर्ट देना हमेशा आवश्यक नहीं होता।

इसके विपरीत स्थानीय आपदा और कटाई के बाद निर्धारित नुकसान में खेत-स्तरीय आकलन तथा समय पर सूचना महत्वपूर्ण होती है।

इस अंतर को समझना जरूरी है, ताकि किसान गलत दावा प्रक्रिया अपनाकर समय न गंवाए।

फसल बीमा क्लेम कैसे तय होता है?

PMFBY में सामान्य क्षेत्रीय उपज हानि वाले दावों के लिए बीमित इकाई की वास्तविक औसत उपज की तुलना पूर्वनिर्धारित सीमा उपज से की जाती है। इसमें Crop Cutting Experiments यानी फसल कटाई प्रयोग और संबंधित स्वीकृत डेटा का उपयोग होता है।

यदि वास्तविक उपज निर्धारित सीमा से कम पाई जाती है, तो लागू नियमों के अनुसार स्वीकार्य दावा निकाला जा सकता है।

उदाहरण के लिए, किसी अधिसूचित इकाई में सीमा उपज 20 क्विंटल और वास्तविक उपज 15 क्विंटल पाई जाए, तो उपज में 25 प्रतिशत कमी हुई है। ऐसे सरल उदाहरण में, अन्य शर्तें समान मानने पर ₹40,000 की बीमित राशि पर ₹10,000 का दावा बन सकता है।

यह केवल गणना समझाने के लिए है। वास्तविक दावा राशि अधिकृत उपज डेटा, बीमित क्षेत्र, पॉलिसी विवरण, विशेष जोखिम प्रावधान और संबंधित बीमा कंपनी की प्रक्रिया से तय होती है।

PMFBY में पॉलिसी और क्लेम स्टेटस कैसे चेक करें?

सरकारी PMFBY पोर्टल पर किसान के लिए Application Status सुविधा उपलब्ध है। इसके माध्यम से संबंधित पॉलिसी या आवेदन की जानकारी जांची जा सकती है।

  1. PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. Application Status का विकल्प देखें।
  3. उपलब्ध निर्देशों के अनुसार पॉलिसी या आवेदन पहचान विवरण दर्ज करें।
  4. दिखाई गई स्थिति की जांच करें।
  5. रिकॉर्ड में समस्या होने पर संबंधित बीमा कंपनी या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

आवेदन जमा होना, बीमा पॉलिसी जारी होना, नुकसान रिपोर्ट होना, दावा स्वीकृत होना और भुगतान प्राप्त होना अलग अवस्थाएं हैं। इन्हें एक ही स्थिति नहीं समझना चाहिए।

PMFBY हेल्पलाइन 14447 का उपयोग कब करें?

कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन (Krishi Rakshak Portal & Helpline या KRPH) के लिए सरकार ने 14447 नंबर उपलब्ध कराया है।

किसान इस सुविधा का उपयोग फसल नुकसान की सूचना, योजना से जुड़े प्रश्न या शिकायत दर्ज कराने के लिए कर सकते हैं। शिकायत करते समय किसान के पास पॉलिसी पहचान, फसल और संबंधित घटना की जानकारी उपलब्ध होना उपयोगी है।

यदि शिकायत लंबित है, तो प्राप्त संदर्भ संख्या के आधार पर अधिकृत माध्यम से आगे की स्थिति पूछें। किसी अनधिकृत व्यक्ति को दावा जल्दी दिलाने के नाम पर पैसा न दें।

PMFBY में 2026 के दौरान क्या प्रगति हुई?

29 अगस्त 2026 को जारी सरकारी पृष्ठभूमि विवरण के अनुसार योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में ₹12,200 करोड़ का आवंटन बताया गया था।

उसी रिपोर्ट के अनुसार खरीफ 2016 से रबी 2025-26 तक 92.46 करोड़ से अधिक किसान आवेदन बीमित किए गए थे। 26.33 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों पर कुल ₹2.06 लाख करोड़ से अधिक दावे के भुगतान की जानकारी दी गई थी।

ये किसान आवेदनों के आंकड़े हैं, अलग-अलग विशिष्ट किसानों की संख्या नहीं। एक किसान अलग मौसमों या अलग फसलों के लिए कई बार आवेदन कर सकता है।

सरकार ने YES-TECH और WINDS जैसी तकनीकी पहलों का भी उल्लेख किया है, जिनका उद्देश्य फसल उपज का अनुमान और मौसम संबंधी डेटा बेहतर बनाना है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा और पीएम-किसान में क्या अंतर है?

PMFBY और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अलग उद्देश्य वाली योजनाएं हैं। पीएम-किसान में पात्र किसान परिवारों को निर्धारित आय सहायता मिलती है, जबकि PMFBY में किसान प्रीमियम देकर अधिसूचित फसल का बीमा करता है।

PMFBY का भुगतान बीमित फसल के स्वीकार्य नुकसान और दावा आकलन से संबंधित है। इसलिए पीएम-किसान की किस्त प्राप्त होने का अर्थ यह नहीं कि किसान की फसल भी बीमित है।

फसल बीमा कराते समय जरूरी सावधानियां

  • अपने जिले की अधिसूचित फसल और मौसम की पुष्टि करें।
  • प्रीमियम और बीमित राशि को अलग समझें।
  • भूमि, खेती और फसल क्षेत्र का विवरण सही दर्ज करें।
  • आवेदन की अंतिम तारीख आधिकारिक अधिसूचना से जांचें।
  • पॉलिसी जारी होने का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • स्थानीय और कटाई बाद के नुकसान की सूचना समय पर दें।
  • किसी भी नुकसान पर पूरी बीमित राशि मिलने की उम्मीद न करें।
  • शिकायत के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन 14447 का उपयोग करें।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?

यह पात्र किसानों की अधिसूचित फसलों को निर्धारित प्राकृतिक और अन्य बीमित जोखिमों के कारण नुकसान होने पर बीमा सुरक्षा देने वाली योजना है।

2. खरीफ फसल का प्रीमियम कितना है?

खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए किसान प्रीमियम अधिकतम बीमित राशि का 2 प्रतिशत है।

3. रबी फसल का प्रीमियम कितना है?

रबी खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए किसान प्रीमियम अधिकतम बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत है।

4. क्या बटाईदार किसान भी बीमा ले सकते हैं?

पात्र बटाईदार और किरायेदार किसानों के लिए प्रावधान हैं, लेकिन खेती संबंधी आवश्यक दस्तावेज और अधिसूचना शर्तें लागू होती हैं।

5. क्या फसल बीमा लेना अनिवार्य है?

नहीं। योजना में किसानों की भागीदारी स्वैच्छिक है।

6. नुकसान की सूचना कितने समय में दें?

स्थानीय प्राकृतिक आपदा या कटाई के बाद निर्धारित नुकसान के लिए सामान्यतः 72 घंटे के भीतर सूचना देना आवश्यक है।

7. कटाई के बाद कितने दिन तक कवर होता है?

अधिसूचित जोखिम और निर्धारित खेत में रखी फसल की अवस्था के अनुसार अधिकतम 14 दिन का कवर उपलब्ध हो सकता है।

8. बीमा क्लेम कितना मिलेगा?

दावा राशि नुकसान के आकलन, बीमित राशि, अधिसूचित जोखिम और लागू पॉलिसी शर्तों के अनुसार तय होती है।

9. आवेदन स्टेटस कहां देखें?

PMFBY के आधिकारिक पोर्टल पर Application Status सुविधा देखें।

10. शिकायत या फसल नुकसान की सूचना कहां दें?

कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 14447 का उपयोग करें।

11. क्या हर राज्य में सभी फसलें कवर हैं?

नहीं। बीमा उपलब्धता संबंधित राज्य, मौसम, जिला और अधिसूचित फसल पर निर्भर करती है।

12. PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in है।

आधिकारिक सरकारी स्रोत

जानकारी की समीक्षा: 19 अक्टूबर 2026। आवेदन की वास्तविक समयसीमा, फसल और क्षेत्र की अधिसूचना, प्रीमियम, नुकसान रिपोर्टिंग तथा क्लेम नियम संबंधित राज्य और बीमा कंपनी से जांचें।

अस्वीकरण: eSarkariYojna एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, सरकारी कृषि विभाग या बीमा कंपनी नहीं। यह लेख सार्वजनिक सरकारी जानकारी समझाने के लिए तैयार किया गया है। बीमा की स्वीकृति और दावा भुगतान संबंधित अधिसूचना, पॉलिसी शर्तों और अधिकृत बीमाकर्ता के निर्णय के अनुसार होते हैं।

आधिकारिक स्रोत और लिंक

अंतिम और सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट देखें।

आधिकारिक वेबसाइट देखें: pmfby.gov.in ↗

अंतिम अपडेट: 19 Oct 2026