निक्षय पोषण योजना
टीबी उपचार के दौरान अधिसूचित और निक्षय पर दर्ज मरीजों के पोषण हेतु ₹1,000 मासिक सहायता। उपचार रिकॉर्ड और बैंक जानकारी सही होना आवश्यक है।
पात्रता: टीबी उपचार के दौरान अधिसूचित और निक्षय पर दर्ज मरीजों के पोषण हेतु ₹1,000 मासिक सहायता। उपचार रिकॉर्ड और बैंक जानकारी सही होना आवश्यक है।
निक्षय पोषण योजना क्या है?
निक्षय पोषण योजना (Ni-kshay Poshan Yojana या NPY) भारत सरकार की एक स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक सहायता योजना है। इसके अंतर्गत अधिसूचित टीबी यानी तपेदिक के मरीजों को इलाज के दौरान पोषण संबंधी आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (National Tuberculosis Elimination Programme या NTEP) के अंतर्गत होता है।
योजना की शुरुआत अप्रैल 2018 में की गई थी। प्रारंभ में पात्र टीबी मरीजों के लिए ₹500 प्रति माह की पोषण सहायता निर्धारित थी। सरकार ने अक्टूबर 2024 में सहायता बढ़ाने की घोषणा की और 1 नवंबर 2024 से इसे ₹1,000 प्रति मरीज प्रति माह कर दिया गया। यह सहायता उपचार की अवधि के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार दी जाती है।
टीबी के इलाज के दौरान पर्याप्त और संतुलित भोजन महत्वपूर्ण है। बीमारी से वजन कम होना, कमजोरी और पोषण की समस्या हो सकती है। इसलिए सरकार ने दवाओं और चिकित्सकीय देखभाल के साथ पोषण सहायता को भी राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया है।
महत्वपूर्ण: निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत सहायता पाने के लिए मरीज का टीबी केस अधिसूचित और Ni-kshay प्रणाली में दर्ज होना चाहिए। बैंक और उपचार संबंधी जानकारी की जांच भी आवश्यक है। केवल टीबी से मिलते-जुलते लक्षण होने पर बैंक में ₹1,000 अपने आप नहीं आते।
निक्षय पोषण योजना 2026 की मुख्य जानकारी
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | निक्षय पोषण योजना |
| अंग्रेजी नाम | Ni-kshay Poshan Yojana |
| संक्षिप्त नाम | NPY |
| संबंधित मंत्रालय | स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय |
| कार्यक्रम | राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) |
| योजना प्रारंभ | अप्रैल 2018 |
| वर्तमान निर्धारित सहायता | ₹1,000 प्रति माह |
| नई दर प्रभावी | 1 नवंबर 2024 |
| लाभार्थी | अधिसूचित और Ni-kshay में दर्ज टीबी मरीज |
| सहायता अवधि | टीबी उपचार की पात्र अवधि |
| भुगतान प्रणाली | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) |
| मरीज प्रबंधन प्रणाली | Ni-kshay |
| टीबी हेल्पलाइन | 1800-11-6666 |
| आधिकारिक जानकारी | केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग |
यह राशि पोषण सहायता है, इलाज या अस्पताल खर्च का पूरा भुगतान करने का वादा नहीं। उपचार से जुड़ी अन्य चिकित्सा सेवाओं और आवश्यक सहायता के लिए संबंधित सरकारी टीबी स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी प्राप्त करें।
निक्षय पोषण योजना का मुख्य उद्देश्य
टीबी का इलाज नियमित रूप से पूरा करना जरूरी होता है। इस दौरान मरीज को दवा, चिकित्सा निगरानी और शरीर की आवश्यकता के अनुसार भोजन संबंधी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। पर्याप्त पोषण उपलब्ध न होने से स्वास्थ्य सुधार में कठिनाई हो सकती है।
निक्षय पोषण योजना का उद्देश्य टीबी मरीजों के लिए पोषण संबंधी आर्थिक बाधाओं को कुछ हद तक कम करना है। इससे मरीज अपने नियमित भोजन को बेहतर बनाने और इलाज के दौरान आवश्यक पोषण का ध्यान रखने में सहायता प्राप्त कर सकता है।
इलाज के दौरान पोषण पर ध्यान
टीबी के मरीजों की पोषण आवश्यकताएं उनकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, वजन और दूसरी बीमारियों के आधार पर अलग हो सकती हैं। योजना मरीज को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देती है, ताकि पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके।
इलाज जारी रखने के लिए सहयोग
टीबी के लिए दवा नियमित लेना और निर्धारित स्वास्थ्य जांच करवाना महत्वपूर्ण होता है। वित्तीय और पोषण संबंधी सहायता मरीज को उपचार अवधि में मिलने वाली कठिनाइयों से निपटने में सहयोग दे सकती है।
अधिक मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रम से जोड़ना
योजना में टीबी केस का अधिसूचित होना और Ni-kshay पर उसका रिकॉर्ड दर्ज होना महत्वपूर्ण है। इससे उपचार की स्थिति, पोषण सहायता और दूसरी कार्यक्रम सेवाओं के प्रबंधन में मदद मिलती है।
टीबी मरीजों को निक्षय योजना में कितने पैसे मिलते हैं?
1 नवंबर 2024 से निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत निर्धारित सहायता ₹1,000 प्रति मरीज प्रति माह है। इससे पहले यह राशि ₹500 प्रति माह थी।
सहायता का संबंध मरीज की उपचार अवधि से है। चूंकि टीबी का इलाज बीमारी के प्रकार और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार अलग अवधि तक चल सकता है, इसलिए सभी मरीजों की कुल सहायता एक जैसी नहीं होगी।
| उपचार की उदाहरण अवधि | ₹1,000 मासिक दर पर गणना |
|---|---|
| 3 महीने | ₹3,000 |
| 4 महीने | ₹4,000 |
| 6 महीने | ₹6,000 |
यह तालिका केवल राशि की गणना समझाने के लिए है। इसे मरीज के लिए निर्धारित इलाज की सलाह, वास्तविक स्वीकृत भुगतान या किस्तों की निश्चित समय-सारणी नहीं समझना चाहिए।
सरकार ने अक्टूबर 2024 की घोषणा में टीबी मरीजों के लिए ₹3,000 से ₹6,000 तक की पोषण सहायता का उल्लेख किया था। वास्तविक राशि और भुगतान स्थिति मरीज के दर्ज उपचार रिकॉर्ड तथा लागू नियमों के अनुसार जांची जानी चाहिए।
निक्षय पोषण योजना में कौन पात्र है?
इस योजना का संबंध अधिसूचित टीबी मरीजों से है। मरीज सरकारी या निजी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से उपचार प्राप्त कर सकता है, लेकिन उसके टीबी निदान और उपचार संबंधी जानकारी का राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम की Ni-kshay प्रणाली में दर्ज होना आवश्यक है।
निक्षय पोषण योजना में पात्रता को सामान्य छात्रवृत्ति या रोजगार योजना की तरह आयु, जाति या रोजगार के आधार पर समझना सही नहीं होगा। मुख्य बात यह है कि मरीज का टीबी केस आधिकारिक रूप से अधिसूचित हो और उपचार संबंधी रिकॉर्ड सही हो।
सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज
यदि मरीज किसी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अधिकृत टीबी कार्यक्रम इकाई में उपचार प्राप्त कर रहा है, तो संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी से Ni-kshay रिकॉर्ड और पोषण सहायता की स्थिति की जानकारी ले सकता है।
निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज
भारत में निजी स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिए भी टीबी मामलों की अधिसूचना की व्यवस्था है। निजी क्षेत्र में इलाज कराने वाले मरीज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका मामला उचित सरकारी टीबी अधिसूचना प्रणाली में दर्ज हुआ है।
सिर्फ निजी चिकित्सक से दवा लेने या जांच करवाने की रसीद अपने आप DBT स्वीकृति नहीं बनाती। संबंधित स्वास्थ्य प्रदाता या जिला टीबी इकाई से रिकॉर्ड की पुष्टि कराएं।
Ni-kshay पोर्टल क्या है?
Ni-kshay भारत के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की डिजिटल मरीज प्रबंधन और निगरानी प्रणाली है। इसके माध्यम से टीबी के अधिसूचित मामलों, जांच, उपचार, अनुवर्ती देखभाल और संबंधित कार्यक्रम गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाता है।
यह प्रणाली सरकारी और निजी स्वास्थ्य प्रदाताओं द्वारा टीबी मामलों की सूचना दर्ज करने में सहायता करती है। इससे संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी मरीज की उपचार स्थिति और दूसरी आवश्यक जानकारी की निगरानी कर सकते हैं।
निक्षय पोषण योजना के DBT में मरीज के आधिकारिक रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण योगदान है। मरीज को यह जरूरी नहीं कि किसी अनजान वेबसाइट पर स्वयं नया लाभार्थी खाता बनाना पड़े। सही प्रक्रिया के लिए उपचार देने वाले स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना अधिक उपयोगी है।
निक्षय पोषण योजना के लिए पंजीकरण कैसे होता है?
इस योजना की प्रक्रिया सामान्य सरकारी नकद योजनाओं से अलग है। इसका मुख्य संबंध टीबी निदान, अधिसूचना और उपचार प्रबंधन से होता है।
- टीबी की जांच और उपचार: टीबी की आशंका या पुष्टि होने पर अधिकृत स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
- केस अधिसूचना: संबंधित सरकारी या निजी स्वास्थ्य प्रदाता से सुनिश्चित करें कि टीबी केस Ni-kshay प्रणाली में अधिसूचित हुआ है।
- मरीज रिकॉर्ड की पुष्टि: उपचार से संबंधित जानकारी सही दर्ज होने की जांच कराएं।
- DBT विवरण: संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी को भुगतान के लिए आवश्यक बैंक जानकारी सही उपलब्ध कराएं।
- बैंक सत्यापन: बैंक खाते में नाम, नंबर या अन्य आवश्यक जानकारी संबंधी गलती होने पर सुधार करवाएं।
- उपचार रिकॉर्ड अपडेट: निर्धारित चिकित्सा मुलाकातों और अनुवर्ती जांच के दौरान रिकॉर्ड की स्थिति की पुष्टि करते रहें।
- भुगतान स्थिति पूछें: राशि न मिलने पर स्वास्थ्य केंद्र या संबंधित टीबी कार्यक्रम कर्मी से सहायता लें।
यह प्रक्रिया मरीज की आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा संचालित होती है। इसके लिए हर मरीज को किसी अलग सार्वजनिक छात्रवृत्ति-जैसे आवेदन पोर्टल का उपयोग करना जरूरी नहीं है।
निक्षय योजना के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं?
मरीज की पहचान और DBT भुगतान के लिए जानकारी आवश्यक होती है, लेकिन हर स्थिति में सभी दस्तावेजों की एक ही सूची लागू करना सही नहीं होगा।
संबंधित स्वास्थ्य केंद्र मरीज की पहचान, संपर्क विवरण, Ni-kshay पर दर्ज टीबी केस, उपचार रिकॉर्ड और बैंक खाते की जानकारी की पुष्टि कर सकता है। यदि बैंक विवरण में गलती है, तो आवश्यक सुधार के लिए अतिरिक्त दस्तावेज या आधिकारिक सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है।
ध्यान दें: जाति प्रमाणपत्र, शैक्षणिक अंकपत्र, रोजगार प्रमाणपत्र या जमीन संबंधी रिकॉर्ड को निक्षय पोषण योजना के सभी मरीजों के लिए अनिवार्य बताना गलत होगा।
जिस स्वास्थ्य संस्थान में मरीज का इलाज चल रहा है, उससे अपने मामले के लिए वास्तविक आवश्यक जानकारी पूछें।
निक्षय पोषण योजना में DBT कैसे मिलता है?
DBT का पूरा नाम Direct Benefit Transfer यानी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण है। इसके माध्यम से स्वीकृत वित्तीय सहायता संबंधित पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
निक्षय पोषण योजना में DBT प्रक्रिया के लिए मरीज की अधिसूचना, उपचार संबंधी अवधि और भुगतान विवरण की सही जानकारी महत्वपूर्ण है। संबंधित कार्यक्रम अधिकारी भुगतान की प्रक्रिया को सरकारी प्रणाली के अनुसार संचालित करते हैं।
इसलिए केवल किसी व्यक्ति के नाम पर टीबी रिपोर्ट होना पर्याप्त नहीं है। Ni-kshay रिकॉर्ड और बैंक जानकारी में आवश्यक मिलान तथा सत्यापन भी होना चाहिए।
भुगतान की वास्तविक तारीख, प्रक्रिया या किस्त वितरण का समय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकता है। इसे सभी मरीजों के खाते में एक ही तारीख को राशि आने की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
अगर ₹1,000 की सहायता बैंक खाते में नहीं आई तो क्या करें?
यदि मरीज का टीबी केस दर्ज है और पोषण सहायता नहीं मिल रही, तो पहले यह पता करें कि समस्या रिकॉर्ड, बैंक सत्यापन या भुगतान प्रक्रिया से संबंधित है।
- अपने उपचार केंद्र के टीबी स्वास्थ्य कर्मचारी से संपर्क करें।
- पूछें कि आपका टीबी केस Ni-kshay पर सही दर्ज और अधिसूचित है या नहीं।
- उपचार की तारीख और रिकॉर्ड में कोई त्रुटि तो नहीं, जांचें।
- अपने बैंक खाते की जानकारी तथा आवश्यक सत्यापन की स्थिति स्पष्ट कराएं।
- यदि भुगतान प्रक्रिया लंबित है, तो उसका कारण पूछें।
- समस्या का समाधान न होने पर संबंधित जिला टीबी इकाई से सहायता लें।
- अधिक जानकारी के लिए सरकारी Ni-kshay Sampark हेल्पलाइन 1800-11-6666 का उपयोग करें।
मरीज को किसी ऐसे एजेंट को भुगतान नहीं करना चाहिए जो DBT जल्दी दिलाने का वादा करता हो। अपने बैंक का OTP, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति से साझा न करें।
क्या इलाज निजी अस्पताल में हो तो भी सहायता मिलती है?
सरकारी कार्यक्रम की व्यवस्था केवल सरकारी संस्थान में इलाज कराने वालों तक सीमित नहीं है। निजी क्षेत्र में इलाज कराने वाले टीबी मरीजों की अधिसूचना का प्रावधान भी मौजूद है।
इसलिए यदि कोई मरीज निजी चिकित्सक की देखरेख में उपचार ले रहा है, तो उसे Ni-kshay में अपने केस के पंजीकरण और पोषण सहायता की पात्रता की पुष्टि करानी चाहिए।
मरीज के वास्तविक रिकॉर्ड, उपचार स्थिति और बैंक सत्यापन के आधार पर सरकारी प्रक्रिया लागू होगी।
क्या टीबी मरीजों को ₹1,000 के अलावा अन्य पोषण सहायता मिलती है?
भारत सरकार ने टीबी मरीजों के लिए वित्तीय सहायता के साथ अतिरिक्त पोषण संबंधी उपाय भी शुरू किए हैं। इन्हें निक्षय पोषण योजना की नियमित DBT राशि से अलग समझना जरूरी है।
कम वजन वाले मरीजों के लिए विशेष पोषण
अक्टूबर 2024 की घोषणा में सरकार ने निदान के समय BMI 18.5 से कम वाले मरीजों के लिए Energy Dense Nutritional Supplementation (EDNS) की व्यवस्था का उल्लेख किया था। पात्र मरीजों को उपचार के शुरुआती दो महीनों में अतिरिक्त पोषण सहायता प्रदान करने की योजना बताई गई थी।
BMI एक चिकित्सकीय माप है जो लंबाई और वजन के संबंध में उपयोग किया जाता है। किसी मरीज की पोषण स्थिति और अतिरिक्त सहायता की जरूरत का मूल्यांकन स्वास्थ्य कर्मचारियों को करना चाहिए।
Ni-kshay Mitra के माध्यम से भोजन सहायता
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत Ni-kshay Mitra पहल में व्यक्ति, संगठन, कंपनियां और समुदाय टीबी मरीजों को भोजन की टोकरी या अन्य निर्धारित सहयोग उपलब्ध कराने में भाग ले सकते हैं।
यह समुदाय-आधारित सहयोग है, जिसे हर मरीज के खाते में मिलने वाले अतिरिक्त निश्चित नकद भुगतान के रूप में नहीं समझना चाहिए।
सरकार ने 2024 में मरीजों के घर के सदस्यों को भी सामुदायिक पोषण सहायता से जोड़ने के दायरे को बढ़ाने का निर्णय बताया था। वास्तविक वितरण स्थानीय व्यवस्था और उपलब्ध सहयोग पर निर्भर करता है।
Ni-kshay Poshan और Ni-kshay Mitra में क्या अंतर है?
| विशेषता | Ni-kshay Poshan Yojana | Ni-kshay Mitra |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण सहायता | समुदाय से पोषण और सामाजिक सहयोग |
| सहायता | ₹1,000 प्रति माह DBT | भोजन सामग्री या अन्य निर्धारित सहयोग |
| व्यवस्था | सरकारी टीबी कार्यक्रम | स्वयंसेवी और सामुदायिक भागीदारी |
| मरीज का रिकॉर्ड | Ni-kshay अधिसूचना और उपचार विवरण | संबंधित कार्यक्रम की उपलब्धता और समन्वय |
टीबी का इलाज और पोषण सहायता: क्या ध्यान रखें?
निक्षय पोषण योजना की राशि उपचार में सहयोग के लिए है। यह टीबी की दवाओं, जांच या चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।
मरीज को अपने उपचार देने वाले चिकित्सक और टीबी कार्यक्रम कर्मचारी के निर्देशों का पालन करना चाहिए। दवा का समय, उपचार अवधि और जांच का निर्णय मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर होता है।
यदि इलाज के दौरान असामान्य लक्षण, दवा से संबंधित परेशानी या स्वास्थ्य में गिरावट महसूस हो, तो तुरंत संबंधित स्वास्थ्य पेशेवर से संपर्क करें। अपने स्तर पर टीबी की दवा बंद या बदलना उचित नहीं है।
पोषण के विषय में भी मरीज की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सलाह लें। एक ही प्रकार का भोजन या सप्लीमेंट सभी मरीजों के लिए उचित नहीं होता।
निक्षय पोषण योजना की सरकारी प्रगति
दिसंबर 2025 की सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अप्रैल 2018 से उस रिपोर्ट तक निक्षय पोषण योजना के माध्यम से 1.35 करोड़ टीबी मरीजों को कुल ₹4,322 करोड़ की सहायता वितरित की गई थी।
मार्च 2026 में प्रकाशित सरकारी टीबी कार्यक्रम की जानकारी में योजना प्रारंभ होने से ₹4,454.68 करोड़ की DBT सहायता 1.38 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने का उल्लेख किया गया।
ये अलग रिपोर्टिंग अवधि के संचयी आंकड़े हैं। इन्हें आज की वास्तविक समय भुगतान संख्या या किसी व्यक्तिगत मरीज का स्वीकृत भुगतान नहीं समझना चाहिए।
निक्षय योजना से जुड़े सामान्य भ्रम
क्या सभी नागरिकों को ₹1,000 मिलते हैं? नहीं। यह सहायता अधिसूचित टीबी मरीजों के लिए निर्धारित है।
क्या यह ₹1,000 हर महीने जीवनभर मिलता है? नहीं। सहायता का संबंध टीबी उपचार की पात्र अवधि से है।
क्या निजी अस्पताल के टीबी मरीज हमेशा अपात्र हैं? नहीं। निजी क्षेत्र में उपचार के मामलों की भी TB notification व्यवस्था है।
क्या Ni-kshay Mitra और सरकारी DBT एक ही हैं? नहीं। दोनों सहायता के अलग माध्यम हैं।
क्या बैंक में पैसा न आने पर इलाज रोक देना चाहिए? नहीं। भुगतान संबंधी समस्या को स्वास्थ्य केंद्र से उठाएं और चिकित्सकीय उपचार के लिए अपने स्वास्थ्य पेशेवर के निर्देशों का पालन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. निक्षय पोषण योजना क्या है?
यह टीबी मरीजों के उपचार के दौरान पोषण आवश्यकताओं के लिए DBT के माध्यम से सहायता प्रदान करने वाली सरकारी योजना है।
2. निक्षय पोषण योजना में कितना पैसा मिलता है?
1 नवंबर 2024 से निर्धारित दर ₹1,000 प्रति मरीज प्रति माह है।
3. किस मरीज को यह सहायता मिल सकती है?
सरकारी टीबी कार्यक्रम की Ni-kshay प्रणाली में अधिसूचित और उपचार संबंधी आवश्यक रिकॉर्ड वाले मरीजों को लागू शर्तों के अनुसार सहायता मिल सकती है।
4. क्या सरकारी अस्पताल में इलाज जरूरी है?
नहीं। निजी स्वास्थ्य प्रदाताओं द्वारा भी टीबी मामलों की अधिसूचना की व्यवस्था है। संबंधित रिकॉर्ड की पुष्टि आवश्यक है।
5. Ni-kshay पोर्टल किस काम आता है?
इसका उपयोग टीबी मामलों की अधिसूचना, उपचार प्रबंधन और संबंधित कार्यक्रम रिकॉर्ड के लिए किया जाता है।
6. क्या सभी मरीजों को कुल ₹6,000 मिलेंगे?
कुल सहायता उपचार की दर्ज अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करती है। ₹6,000 सभी मरीजों के लिए निश्चित अधिकतम या न्यूनतम भुगतान नहीं है।
7. बैंक खाते में राशि नहीं आई तो क्या करें?
अपने उपचार केंद्र से Ni-kshay रिकॉर्ड और DBT स्थिति की जांच कराएं। आवश्यकता हो तो जिला टीबी इकाई से संपर्क करें।
8. क्या कोई अलग ऑनलाइन आवेदन जरूरी है?
इस योजना में टीबी केस की अधिसूचना और उपचार रिकॉर्ड मुख्य हैं। वर्तमान प्रक्रिया अपने टीबी स्वास्थ्य केंद्र से पूछें।
9. Ni-kshay Mitra क्या है?
यह टीबी मरीजों और संबंधित परिवारों को सामुदायिक पोषण तथा सामाजिक सहयोग से जोड़ने वाली पहल है।
10. क्या कम वजन वाले मरीजों के लिए विशेष पोषण है?
सरकार ने पात्र कम वजन वाले मरीजों के लिए Energy Dense Nutritional Supplementation का प्रावधान घोषित किया है। पात्रता का चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
11. टीबी सहायता हेल्पलाइन नंबर क्या है?
केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग की वेबसाइट पर Ni-kshay Sampark हेल्पलाइन 1800-11-6666 दी गई है।
12. आधिकारिक जानकारी कहां प्राप्त करें?
केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग, राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम और संबंधित उपचार केंद्र से वर्तमान जानकारी प्राप्त करें।
आधिकारिक सरकारी स्रोत
- केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग — निक्षय पोषण योजना
- 7 अक्टूबर 2024 — ₹1,000 पोषण सहायता की सरकारी घोषणा
- 9 दिसंबर 2025 — DBT और राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम पर सरकारी जानकारी
- मार्च 2026 — टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति
- केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग — आधिकारिक दिशानिर्देश
जानकारी की समीक्षा: 19 अक्टूबर 2026। मरीज की वास्तविक पात्रता, उपचार अवधि, Ni-kshay अधिसूचना और DBT भुगतान की पुष्टि संबंधित टीबी स्वास्थ्य केंद्र या जिला टीबी इकाई से करें।
अस्वीकरण: eSarkariYojna एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, सरकारी स्वास्थ्य विभाग या चिकित्सा संस्था नहीं। यह लेख सार्वजनिक सरकारी योजना की जानकारी समझाने के लिए है और चिकित्सकीय निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। वित्तीय सहायता की स्वीकृति और भुगतान संबंधित सरकारी कार्यक्रम के नियमों के अनुसार होते हैं।
अंतिम और सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट देखें।
आधिकारिक वेबसाइट देखें: tbcindia.mohfw.gov.in ↗अंतिम अपडेट: 23 Oct 2026